श्री साँवलिया बहुउद्देशीय विकलांग सेवा संस्थान
जाटों का मोहल्ला, चन्देरिया, चित्तौड़गढ़ (राज.)
पंजीयन क्रमांक - 162/2001-2002
सम्पर्क सूत्र : 01472-256817,मो. - 9828536817
(संस्थान को आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80 जी के अन्तर्गत छूट प्राप्त है)
(उद्देश्य: मूक-बधिर, विमन्दित और दृष्टिहीन विकलांगों के लिए शिक्षण, प्रशिक्षण और छात्रावास की सुविधाएं दे पुनर्वासित करना)



Thursday, January 06, 2011

रपट:-जिला स्तरीय निःशक्तजन खेलकूद प्रतियोगिता 2010

युवा एवं खेल मामले मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रायोजित जिला स्तरीय खेलकूद निःशक्तजन खेलकूद प्रतियोगिता के लिए स्पेशल ऑलम्पिक भारत को नोडल एजेन्सी बनाया गया। इस प्रतियोगिता में अखिल भारतीय बधिर क्रीड़ा परिषद, पेरालम्पिक कमेटी इण्डिया का भी योगदान है।


यह स्कीम मूक बधिर, मानसिक विकलांग, दृष्टिहीन और शारीरिक विकलांग व्यक्तियों के लिए है। इसके अन्तर्गत प्रत्येक जिला स्तर पर स्पेशल ऑलम्पिक भारत द्वारा जिला स्तरीय स्पेशल ऑलम्पिक का गठन किया गया। जिसमें श्री सांवलिया बहुउद्देशीय विकलांग सेवा संस्थान चन्देरिया, चित्तौड़गढ़ को जिला हेडक्वाटर के रूप में मनोनीत कर रखा है। इस कमेटी में परियोजना समन्वयक सर्व शिक्षा अभियान, चित्तौड़गढ़ तथा जिला खेल अधिकारी चित्तौड़गढ़ भी सदस्य है।

जिलास्तरीय निःशक्तजन खेलकूद प्रतियोगिता में 8 वर्ष से 29 वर्ष तक के व्यक्तियों ने भाग लिया। इसमें 4 आयु वर्ग इस प्रकार थे - 8 से 11 वर्ष, 12 से 15 वर्ष, 16 से 21 वर्ष, 22 से 29 वर्ष थे। चारों प्रकार की विकलांगता में 25 मीटर, 50 मीटर, 100 मीटर, 200 मीटर, लम्बी कूद, खड़ी कूद, सॉफ्ट बॉल थ्रो, गोलाफेंक, आदि एथेलेटिक्स स्पर्धाएं हुई तथा बुची, बेडमिण्टन, फुटबाल आदि टीम स्पर्धाएं आयोजित की गई। इस प्रतियोगिता में 250 निःशक्तजनों ने भाग लिया। इसमें 83 मानसिक विकलांग, 110 मुकबधिर, 6 दृष्टिहीन और 51 शारीरिक विकलांग थे।


पूरे भारत देश में चल रहे इस कार्यक्रम के अन्तर्गत राजस्थान राज्य में 7 जिलों का चयन किया गया जिसमें चित्तौड़गढ़ का भी सौभाग्य था। जिसे यह प्रतियोगिता आयोजन कराने का अवसर मिला। पूर्ण निष्ठा एवं लगन के साथ इस जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का सम्पादन स्पेशल ऑलम्पिक भारत, राजस्थान जिला हेड क्वाटर चित्तौड़गढ़ ने किया। इसका प्रचार-प्रसार हमने पैम्पलेट व मिडिया के विशेष सहयोग से किया था। इस स्कीम के अन्तर्गत विजेताओं को मेडल व सर्टिफिकेट द्वारा सम्मानित किया गया। सभी प्रतियोगिओं को टी-शर्ट प्रदान किये गये। भोजन व आवास उपलब्ध कराया गया। श्री सांवलिया बहुउद्देशीय विकलांग सेवा संस्थान चित्तौड़गढ़ द्वारा सभी प्रतिभागियों को आने-जाने का किराया उपलब्ध कराया गया।

दिनांक 1 व 2 दिसम्बर को कम्युनिटी कॉच टेªनिंग का प्रशिक्षण दिया गया ताकि इस विशेष वर्ग में क्या-क्या सावधानियां व जानकारियाँ रखी जाकर, मानसिक विकलांग, दृष्टिबाधित, मूकबधिर और शारीरिक विकलांगों को हर्षोल्लास के साथ प्रोत्साहन देकर खेलकूद के जरिये सामान्य वर्ग से जोड़ा जा सके। इसमें 52 व्यक्तियों ने ट्रेनिंग ली। 10 भारतीय पूनर्वास परिषद, नई दिल्ली में पंजीकृत, 21 शारीरिक शिक्षक तथा सामान्य शिक्षक और 21 अभिभावक एवं सामाजिक कार्यकर्त्ता थे। इन्हें प्रशिक्षण रमेश पीठिया, संदीप बोहरा और कपील अग्रवाल ने दिया। जो कि ग्वालियर से प्रशिक्षित होकर आये थे।

विश्व विकलांग दिवस 3 दिसम्बर को होने से संस्थान द्वारा सुचेता कृपलानी शिक्षा निकेतन माणकलाव जोधपुर के शारीरिक विकलांगों को आमंत्रित किया गया है जो कि अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर इंग्लैण्ड में पेरालम्पिक में क्रिकेट में भाग लेकर भारत का गौरव बढ़ाया। ये निःशक्त विद्यार्थी चित्तौड़गढ़ में उद्घाटन समारोह एवं समापन समारोह में रोप मल्लखंभ, फिक्स मल्लखंभ, लेझिम तथा हैण्ड स्टैझिडंग का प्रदर्शन करके सामान्य वर्ग के समक्ष सोचने को मजबूर कर दिया। साथ ही चित्तौड़गढ़ के निःशक्तजनों का होंसला बढ़ाया। इस विशेष दिवस पर संस्थान द्वारा गोलप्याऊ से कलेक्ट्री चौराहा तक कैण्डल मार्च के दौरान सद्भावना रैली के रूप में सामान्य निःशक्तजन संयुक्त रूप से निकले। यह कैण्डल मार्च 3 दिसम्बर को सायं 6ः15 से प्रारम्भ हुआ तथा 7ः30 बजे कलेक्ट्री चौराहा पहूँचा। इसके मुख्य अतिथि श्री मांगीलाल चंगेल, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक, चित्तौड़गढ़ थे। बैण्ड बाजों की धुन पर निःशक्त व्यक्ति नाचते-कूदते विशाल जुलुस में निकले, कुछ घोड़ों पर तथा कुछ बघियों में सवार थे। सायं 8ः00 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन जिंक नगर में किया गया। जहाँ सभी वर्ग के निःशक्त बच्चों ने हर्षोंल्लास के साथ विश्व विकलांग दिवस मनाया एवं भव्य आतिशबाजी की गई।

जिला स्तरीय निःशक्तजन खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारम्भ दिनांक 3 दिसम्बर को
प्रातः 9 बजे जिंक नगर स्थित खेल मैदान में किया गया। जिसके मुख्य अतिथि श्रीमान् घनश्यामसिंह जी राणावत जनरल सैकेट्री चन्देरिया स्मलेटर मजदूर संघ हिन्दुस्तान जिंक चित्तौड़गढ़ थे। सुचेता कृपलानी शिक्षा निकेतन माणकलाव जोधपुर के प्रिन्सिपल श्रीमान् मनोहरसिंह जी विषिष्ठ अतिथि थे। व समारोह की अध्यक्षता श्रीमान् यू.के. पाण्डे एरिया डायरेक्टर, स्पेशल ऑलम्पिक भारत, राजस्थान ने की। इस अवसर पर ध्वजारोहण कर समारोह की शुरूआत हुई। शुभारम्भ पर हिन्द जिंक स्कूल, चित्तौड़गढ़ की सामान्य छात्राओं ने सामूहिक नृत्य की प्रस्तुति दी और श्री साँवलिया बहुद्देशीय विकलांग विद्यालय, चित्तौड़गढ़ की बधिर बालिका पूजा वैष्णव ने राजस्थानी नृत्य की प्रस्तुति दी। विनायक पब्लिक स्कूल, चित्तौड़गढ़ के विद्यार्थियों ने सामुहिक पी.टी. प्रदर्शन किया। श्रीमान् यू.के पाण्डे एरिया डायरेक्टर, स्पेशल ऑलम्पिक भारत, राजस्थान का दिनांक 03 दिसम्बर, 2010 को स्मृति चिन्ह प्रदान कर संस्थान द्वारा सम्मानित किया गया।

युवा एवं खेल मामले मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रायोजित जिला स्तरीय खेलकूद निःशक्तजन खेलकूद प्रतियोगिता के लिए स्पेशल ऑलम्पिक भारत, राजस्थान तथा श्री साँवलिया बहुद्देशीय विकलांग सेवा संस्थान, चन्देरिया, चित्तौड़गढ़ द्वारा अयोजित जिला स्तरीय निःशक्त जन खेलकूद प्रतियोगिता का समापन दिनांक 04 दिसम्बर, 2010 को सायं 05ः00 बजे किया गया। जिसके मुख्य अतिथि श्रीमान् एस.के. मौड़ अध्यक्ष चन्देरिया स्मलेटर मजदूर संघ हिन्दुस्तान जिंक चित्तौड़गढ़ थे। समारोह की अध्यक्षता संस्था अध्यक्ष पुरुषोत्तम वैष्णव ने की। समारोह के विशिष्ठ अतिथि मि. पॉल जर्मनी और श्रीमान् जी.एन.एस. चौहान, सचिव इम्पीरियल क्लब, जिंक नगर, चित्तौड़गढ़ थे। इस  सम्पूर्ण प्रतियोगिता में 74 प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विजेता खिलाड़ियों में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विजेताओं को स्वर्ण पदक द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विजेताओं को रजत पदक तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विजेताओं को कांस्य पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया।


 1 व 2 दिसम्बर को आयोजित कम्यूनिटी कोच ट्रेनिंग प्रोग्राम के 52 प्रशिक्षिणार्थियों को प्रशस्ति पत्र, टी-शर्ट और मोमेन्टो देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पूजा वैष्णव ने कृष्ण भजन पर नृत्य प्रस्तुति देकर दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। स्पेशल ऑलम्पिक भारत, राजस्थान का यह जिला स्तरीय कार्यक्रम ऐतिहासिक रहा। ध्वज अवतरण एवं राष्ट्रगान के साथ जिला स्तरीय निःशक्तजन खेलकूद प्रतियोगिता-2010 का समापन हुआ।

 रपट:-ओम प्रकाश जोशी 

Saturday, November 27, 2010

''अपनी माटी'' वेब मंच:-नवम्बर अंक

नमस्कार ,पाठक साथियों
''अपनी माटी''
जैसा गैरराजनैतिक ,कलावादी,अनियतकालीन,अव्यावसायिक और धर्मनिरपेक्ष वेब मंच
इस नवम्बर माह से ही अपनी शुरूआत के दूजे साल में प्रविष्ट हो चुका है इस यात्रा में आपकी ओर से मिले स्नेह और योगदान को हम सदैव मानते हैं.ये यात्रा हम आगे भी आपके आसरे तय करना चाहेंगे.नवम्बर माह में प्रकाशित रचनाओं  के समेकित अंक में लिंक्स इस तरह रहे हैं.


अभी तलक इस मंच से बहुत ज्ञानवान रचनाकार और संस्कृतिकर्मी जुड़े हैं आपका भी स्वागात है,कला,साहित्य,रंगकर्म,सिनेमा,समाज,संगीत,पर्यावरण से जुड़े लेख,बातचीत,समाचार,फोटो,रचनाएँ,रपट हेतु इस साझा मंच पर प्रेषित कर सकते हैं,हम अपने पाठकों के हित प्रकाशित कर खुद को समाज से जुड़ा समझेंगे.
अभी तलक जुड़े रचनाकारों की सूची

सादर,

माणिक;संस्कृतिकर्मी
सम्पादक,अपनी माटी,
17,शिवलोक कालोनी,संगम मार्ग,
चितौडगढ़ (राजस्थान)-312001
Cell:-09460711896,
http://apnimaati.com



Thursday, October 28, 2010

जिलास्तरीय निःशक्त खेलकूद प्रतियोगिता में स्थानीय विकलांग विद्यालय का रहा दबदबा

    चित्तौड़गढ़ 27 अक्टूबर। सर्वशिक्षा अभियान द्वारा आज प्रातः जिलास्तरीय विशेष आवश्यकता वाले बालक-बालिकाओं की खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारम्भ माननीया डॉ. आरूषी मलिक जिला कलेक्टर, चित्तौड़गढ़ ने किया।

    जानकारी देते हुए संस्था सचिव मंजीत सिंह गरेवाल ने बताया कि सर्वशिक्षा अभियान आयोजित जिलास्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में स्थानीय श्री सांवलिया बहुउद्देशीय विकलांग विद्यालय, जाटों का मोहल्ला, चन्देरिया, चित्तौड़गढ़ के दस मूक-बधिर बालक-बालिकाएं भाग ले रही है। दोपहर तक आयोजित 100 मीटर रेस सीनियर बधिर छात्र वर्ग में प्रथम अजय लौहार, 100 मीटर रेस सीनियर बधिर छात्रा वर्ग में प्रथम पूजा गढवी, चम्मच रेस सीनियर बधिर छात्रा वर्ग में प्रथम निलोफर मन्सूरी, चम्मच रेस जूनियर बधिर छात्र वर्ग में प्रथम दीपक धोबी रहें।

    रस्सा कस्सी प्रतियोगिता में 11 ब्लॉक में से प्रथम चित्तौड़गढ़ ब्लॉक रहा जिसमें श्री सांवलिया बहुउद्देशीय विकलांग विद्यालय के पांचो छात्रों ने साहसिक प्रदर्शन किया। जिसमें राकेश लबान, राहुल पालीवाल, अजय लौहार, बुधाराम कुमावत और निलोफर मन्सूरी छात्रा थी।

    कार्यक्रम के शुभारम्भ में विद्यालय की बधिर छात्रा पूजा वैष्णव ने राजस्थानी नृत्य ‘‘म्हारा छैल भंवर रो कांगसियों ....’’ पर किया।

(मंजीत सिंह गरेवाल)
संस्था सचिव

Tuesday, September 14, 2010

हमारा पता और उद्देश्य

श्री साँवलिया बहुउद्देशीय विकलांग सेवा संस्थान
जाटों का मोहल्ला, चन्देरिया, चित्तौड़गढ़ (राज.)
   पंजीयन क्रमांक - 162/2001-2002
सम्पर्क सूत्र : 01472-256817,मो. - 9828536817
(संस्थान को आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80 जी के अन्तर्गत छूट प्राप्त है)
(उद्देश्य: मूक-बधिर, विमन्दित और दृष्टिहीन विकलांगों के लिए शिक्षण, प्रशिक्षण और छात्रावास की सुविधाएं दे पुनर्वासित करना)

चित्तौडगढ जिला स्तरीय निशक्तजन खेलकूद प्रतियोगिता-2010 की फोटो रपट







 श्री सांवलिया बहुउद्देशीय विकलांग सेवा संस्थान तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, चित्तौड़गढ़ के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय जिला स्तरीय निःशक्तजन खेलकूद प्रतियोगिता 2010 का शुभारम्भ 14 सितम्बर मंगलवार को चन्देरिया स्थित श्री सांवलिया बहुउद्देशीय विकलांग विद्यालय परिसर में किया गया। जानकारी देते हुए संस्था सचिव मंजीतसिंह गरेवाल ने बताया कि मंगलवार को जिला स्तरीय निःशक्तजन खेलकूद प्रतियोगिता 2010 का शुभारम्भ प्रातः 11 बजे सीनियर बिजनेस एसोसिएट, भारतीय जीवन बीमा निगम के एल.एल. आगाल के मुख्य आतिथ्य में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता जेसीस राज्य समन्वयक आर.एन. डाड थे व विशिष्ट अतिथि रवि सोनी थे। कार्यक्रम के प्रारम्भ में बधिर बालिका पूजा वैष्णव द्वारा ‘‘म्हारा छैल भंवर रो कांगसियो........’’ गीत पर राजस्थानी नृत्य की प्रस्तुति दी गई। 
इस दो दिवसीय आयोजन में 85 मूकबधिर, मानसिक विकलांग, दृष्टिहीन और शारीरिक विकलांग बच्चे भाग ले रहे हैं जिसमें प्रथम दिन कुर्सी रेस, जलेबी रेस, रूमाल झपट्टा, चम्मच रेस, 50 मीटर दौड़ आदि प्रतियोगिता आयोजित की गई जो जूनियर एवं सीनियर छात्र/छात्रा वर्ग में विभाजित थी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ने संस्थान की गतिविधियों का अवलोकन करते हुए निःशक्त सेवा को ईश्वरीय सेवा बताया। इस अवसर पर रवि सोनी द्वारा विद्यालय को एक व्हील चेयर भेंट की। कार्यक्रम का संचालन समाज सेविका श्रीमती प्रीति अजमेरा ने किया। प्रतिवेदन संस्था सचिव मंजित सिंह गरेवाल ने पढ़ा, अतिथियों का स्वागत संस्था उपाध्यक्ष हरीश पुरोहित ने किया। अंत में आभार प्रतियोगिताओं के मुख्य निर्णायक ओमप्रकाश जोशी ने व्यक्त किया। प्रतियोगिता के दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक शरद शर्मा भी उपस्थित थे। 
इस प्रतियोगिता में कट्स मानव विकास केन्द्र द्वारा संचालित ‘आईपेप’ के दो निःशक्त विद्यार्थियों ने भी भाग लिया। प्रतियोगिता के दूसरे व अंतिम दिन बुधवार को शेष प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी एवं समापन प्रातः 11.30 बजे विद्यालय प्रांगण में होगा। 


(ओमप्रकाश जोशी)
संस्थापक सचिव

Thursday, May 27, 2010

अपनी माटी ब्लॉग-''काव्योत्सव '' रचनाएँ एक जून से

Share
नमस्कार
ब्लॉग्गिंग जगत के सभी साथियों  और पाठकों को अपनी माटी ब्लॉग के सभी सहयोगियों की तरफ से इस ऋतु की बहुत सी शुभकामनाएं,आज से हम ''काव्योत्सव'' आरम्भ कर रहें है.आशा करते हैं कि आपका पूरा पूरा सहयोग  मिलता रहेगा. हमें अभी तक मिली रचनाओं के लिए सबसे पहले आप सभी रचनाकारों  का बहुत सा आभार कि आपने इस आयोजन को सकारात्मक लेते हुए इसे आगे बढाया है.सभी प्राप्त रचनाओं को हम यहाँ अपनी माटी ब्लॉग पर एक जून से रोजाना एक रचना के हिसाब से छाप रहें  हैं.आशा करते हैं कि आप यहाँ पधारकर रचनाकारों की होंसला अफजाई करने हेतु उन्हें अपनी टिप्पणियों के बहाने याद करेंगे. या संबधित विषय पर अपने विचार रखकर माहौल  बनायेंगे. 

आभार औम  .प्रकाश जोशी 





Friday, January 08, 2010

चित्तौड़गढ़ में सारस्वत युवा ओमप्रकाश जोशी द्वारा विशेष शिक्षा के क्षेत्र में अनुकरणीय पहल

भक्ति एवं शक्ति की नगरी चित्तौड़गढ़ में 7 जुलाई 1996 से सारस्वत समाज के युवा ओम प्रकाश जोशी ने निःशक्त बालकों के लिए एक विद्यालय की स्थापना की। यह विद्यालय आज चित्तौड़गढ़ जिले का एक मात्र विकलांग विद्यालय है। जिसका नाम श्री साँवलिया बहुउद्देशीय विकलांग विद्यालय, जाटों का मौहल्ला चन्देरिया, चित्तौड़गढ़ (राज.) के नाम से जाना जाता है। चित्तौड़गढ़ जिले की बेंगूँ तहसील के मेघपूरा ग्राम के श्री रामचन्द्र जोशी के सुपुत्र ओमप्रकाश जोशी का जन्म 24 अगस्त 1970 को हुआ । किसान परिवार में जन्में श्री जोशी की प्रारम्भिक शिक्षा सामान्य विद्यालय से प्राप्त की। विशेष शिक्षा के क्षेत्र में आपने 1989-90 में अलियावर जगं राष्ट्रीय श्रवण विकलांग संस्थान मुम्बई से सहायक वाणी एवं श्रवण विशेषज्ञ के रूप में शिक्षा प्राप्त की। अपका विवाह भीलवाड़ा जिले के माण्ड़लगढ़ तहसील के बरून्दनी ग्राम निवासी श्री कल्याण मल जी सारस्वत की सुपुत्री गायत्री सारस्वत के संग दिनांक 24 अप्रेल 1985 को सम्पन्न हुआ।
वर्तमान में श्री जोशी के परिवार में दादीजी, ताऊजी, ताईजी, पिताजी, माताजी, भाई, भाभी है। श्री जोशी के सुपुत्र ललित जोशी वर्तमान में कम्प्यूटर साईंस से बी-टेक कर रहा है। तथा अरूणा जोशी बारहवीं कक्षा वाणिज्य में अध्ययनरत हैं। चित्तौड़गढ़ शहर में विकलांग शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत ओमप्रकाश जोशी के अथक प्रयास से वर्तमान में 60 मुकबधिर, विमंदित, दृष्टिहीन बालक-बालिकाएँ छात्रावास में निःशुल्क आवासित है। छात्र-छात्राओं के लिए पृथक-पृथक आवास व्यवस्था शहर के गणमान्य नागरिकों द्वारा जुटायी जा रही है। श्री सावंलिया बहुउद्देशीय विकलांग विद्यालय में अध्ययन 80 छात्र-छात्राओं को विशेष शिक्षकों द्वारा वाणी चिकित्सा, विशेष शिक्षा, भौतिक चिकित्सा, ब्रेललिपी का ज्ञान कराया जाता है। दो छात्रों से प्रारम्भ इस विद्यालय में वर्तमान में 60 आवासीय तथा 20 गैर आवासीय विद्यार्थी अध्ययनरत है। विशेष शिक्षा के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनाने के क्रम में इन बालकों को कम्प्यूटर शिक्षा, बंधेजकार्य, सिलाई कार्य, चाक बनाना, बागवानी, कूकिंग कार्य, कूर्सी, बुनाई, आदि कई कार्यों में यथा-योग्य प्रशिक्षण दिया जाता है। जोशी के नेतृत्व में संचालित इस विशेष विद्यालय के विशेष बालकों ने ब्लाॅक स्तर, जिला स्तर, राज्य स्तर, और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभाओं का श्रेष्ठ प्रदर्शन कर चित्तौड़गढ़ जिले को गौरवान्वित किया है। 
प्रतिदिन दिनचर्या का मुख्य अंग-सेवा कार्य में, जुटे रहने वाले ओमप्रकाश जोशी अपने सामाजिक परिवेश में आना-जाना भूल जाते है। जीवन में आने वाली कई कठिनाईयों का सामना करते हुये जोशी ने कभी पीछे मुड़कर नही देखा। आगे बढ़ते गये ओर बुलन्दियों को छूने वालो की गिनती मैं आज जोशी इस क्षेत्र में सारस्वत समाज में अग्रणी है। लम्बे समय से आर्थिक समस्याओं से झूझते विद्यालय को सम्बल देने में जन सहयोग से धन जुटाने वाले जोशी को सारस्वत जगत दुगुनी शक्ति प्रदान करने की अभिलाषा प्रकट करता है। सभंवतः राजस्थान में निश्चित रूप से जोशी एक मात्र सारस्वत युवा है जो इस प्रकार के विशेष सेवा कार्य में लगे हुये है।  
द्वारा माणिक
www.apnimaati.blogspot.com

Thursday, November 19, 2009

Badhte- Kadam Pictures of Prayash Sanstha,Jaipur,









Photos By


Michael J. Rosenkrantz
Fundraising Advisor/Organizational Capacity Builder
National Trust
16B, Bada Bazar Marg, Old Rajendra Nagar

New Delhi-110060
Phone 011-43187878 x828
Cell 09717884675

मानसिक विकलांगता के लिए आयोजित ‘बढ़ते कदम’ कार्यक्रम सम्पन्न




उद्गाटन के अवसर पर अतिथिगन 



नेशनल ट्रस्ट के अनिरुध कुमार के साथ संस्थान के संथापक सचिव ओ. पी. जोशी 

चित्तौड़गढ़ 17 नवम्बर। श्री सांवलिया बहुउद्देशीय विकलांग सेवा संस्थान, चित्तौड़गढ़ एवं राष्ट्रीय न्यास नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 'बढ़ते कदम' कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वपरायणता, प्रमस्तिष्क घात, मानसिक मंदता और बहु निःशक्ताग्रस्त व्यक्ति के लिए आयोजित किया गया। 

             जानकारी देते हुए संस्था सचिव मंजीतसिंह गरेवाल ने बताया कि राष्ट्रीय न्यास के उद्देश्य एवं योजनाओं पर एलसीडी प्रोजेक्टर से बढ़ते कदम टीम द्वारा विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महिला एवं बाल विकास विभाग उपनिदेशक श्रीमती अंशु भटनागर,समारोह की अध्यक्षता अति. परियोजना समन्वयक,सर्वशिक्षा अभियान सुरेश शर्मा, कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि सहायक निदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग श्रीमती मीना शर्मा, भंवरलाल सिसोदिया, सहायक परियोजना अधिकारी सर्वशिक्षा अभियान लक्ष्मीलाल सुखवाल, थे। कार्यक्रम में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, संदर्भ शिक्षक, केयर गिवर, अभिभावक आदि को मानसिक विकलांगों के लिए राष्ट्रीय न्यास की अनुदानित योजनाओं की जानकारी, ट्रस्ट की टीम द्वारा दी गई। 

                     वरिष्ठ नागरिक मंच चित्तौड़गढ़ के अध्यक्ष नवरतन पटवारी, आर.सी.डाड महासचिव, भंवरलाल सिसोदिया महासचिव, बद्रीलाल भट्ट संयुक्त सचिव, जगदीश व्यास, संगठन मंत्री, ओमप्रकाश सनाढ्य, अभयकुमार विराणी संयुक्त सचिव, बिहारीलाल बांगड़, लक्ष्मीनारायण दशोरा, रघुनाथ मंत्री, ओमस्वरूप सक्सेना आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम में सम्मिलित राष्ट्रीय न्यास की टीम में बिहार से अनिरूद्ध कुमार शर्मा, दिल्ली से कपिल अग्रवाल तथा रामविलास, पश्चिम बंगाल से श्रीमती शम्पा श्रीनिवासन, श्रीमती पापिया राय तथा श्रीमती सुमिता बसाक थे। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती प्रीति अजमेरा ने किया। अंत में आभार संस्था प्रधान ओमप्रकाश जोशी ने किया। इससे पूर्व बढ़ते कदम टीम के आगन्तुक सभी अतिथियों का स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया। 

Om Prakash Joshi